RAIGARH

नए शिक्षा सत्र की तैयारीयों को अंतिम देने जुटे प्रधान पाठक, प्रवेश उत्सव और एफएलएन पर बनी रणनीति

शाला खुलने पूर्व तैयारियों, प्रवेश उत्सव एवं एफएलएन कार्ययोजना पर प्रधान पाठकों की दो दिवसीय बैठक संपन्न

नवीन शिक्षा सत्र 2026-27 के सफल संचालन हेतु विद्यालय स्तर की तैयारियों की हुई समीक्षा

रायगढ़, 12 जून 2026। जिला प्रशासन के निर्देश पर नवीन शिक्षा सत्र 2026-27 के सफल संचालन, शाला खुलने की पूर्व तैयारियों, प्रवेश उत्सव के प्रभावी आयोजन तथा विद्यार्थियों में आधारभूत अधिगम दक्षताओं के विकास को लेकर विकासखंड शिक्षा कार्यालय रायगढ़ द्वारा प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठकों की दो दिवसीय बैठक का आयोजन 11 एवं 12 जून को साधुराम विद्या मंदिर, जोरापाली में किया गया।
बैठक में विकासखंड की सभी प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठकों ने भाग लेते हुए आगामी शिक्षा सत्र की तैयारियों एवं विभागीय प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। बैठक में विद्यालयों के सुचारू संचालन के लिए आवश्यक तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विद्यालय भवनों की मरम्मत, शौचालयों की स्वच्छता एवं कार्यशीलता, पेयजल उपलब्धता, किचन शेड की स्थिति, विद्युत व्यवस्था, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, वृक्षारोपण, पाठ्यपुस्तक वितरण, विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था, खेल सामग्री की उपलब्धता तथा शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) की तैयारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में प्रवेश उत्सव को जनभागीदारी का अभियान बनाने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि नवप्रवेशी विद्यार्थियों का विद्यालयों में उत्साहपूर्ण स्वागत किया जाए तथा पालकों, जनप्रतिनिधियों, विद्यालय प्रबंधन समितियों और समुदाय की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही “न्योता भोज” कार्यक्रम के माध्यम से समुदाय और विद्यालय के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने तथा बच्चों के प्रति सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए विशेष कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि कक्षा पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों में भाषा, पठन, लेखन एवं गणितीय दक्षताओं का विकास विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए विद्यालय स्तर पर नियमित आकलन, उपचारात्मक शिक्षण, गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति तथा नवाचारों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री संजय पटेल ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय को शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति एवं अधिगम स्तर में सुधार के लिए लक्ष्य आधारित कार्य करना होगा। उन्होंने प्रधान पाठकों से विद्यालयवार कार्ययोजना तैयार कर बेहतर शैक्षणिक वातावरण विकसित करने का आह्वान किया।
सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री अनिल साहू ने प्रवेश उत्सव, नामांकन वृद्धि, शाला त्यागी एवं अप्रवेशी बच्चों की पहचान तथा उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक पात्र बच्चे तक पहुंचना और उसे विद्यालय से जोड़ना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
विकासखंड स्रोत समन्वयक श्री मनोज अग्रवाल ने एफएलएन कार्यक्रम, शिक्षकों की शैक्षणिक तैयारियों, टीएलएम निर्माण, मासिक मूल्यांकन, शैक्षणिक मॉनिटरिंग तथा विद्यालयी नवाचारों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार के लिए नियमित अभ्यास, समूह आधारित गतिविधियों और स्थानीय संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
बैठक में विद्यालय प्रबंधन समिति की नियमित बैठकों, अभिभावकों की सहभागिता, विद्यालय विकास योजना, शैक्षणिक कैलेंडर के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभागीय योजनाओं के समयबद्ध संचालन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही सभी प्रधान पाठकों को शाला प्रारंभ होने से पूर्व आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने एवं प्रवेश उत्सव को सफल बनाने के निर्देश दिए गए।

Sanjay Sahni

Editor in chief - Raegarhnews.in Mo.-9329266509

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