आज तक ऐसा कोई नोट नही बना जो बानू खूंटे को खरीद ले।

महापौर स्वतंत्र प्रत्याशी लीलाधर बानू खूंटे का चरित्र हनन कर बैठने को किया जा रहा विवश
प्रसिद्ध युवा समाज सेवी बानू खूंटे ने जबसे महापौर पद रायगढ़ के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरा है तब से शहर में हलचल बना हुआ है। शुरुआत में तो सभी रायगढ़ वासी आश्चर्य हो गए की अचानक बानू खूंटे ने नामांकन कैसे भर दिया। हालांकि सभी जानते है की बानू खूंटे पिछले कई वर्षो से समाज सेवा कर रहें है। नगर निगम क्षेत्र में उनकी सक्रियता सभी वार्डो में रहता है और उनके संगठन युवा संकल्प के सदस्य सभी वार्डो में समस्या निवारण को लेकर काम करते आ रहें है।
नामांकन भरने के बाद शहर में जो चर्चाये चलने लगी उसी में उनके विपक्षीयों के द्वारा हार या वोट कट जाने के डर से बानू खूंटे का चरित्र हनन करने का प्रयास चालू कर दिए ताकि बानू खूंटे वक्त रहते अपना नाम वापस ले सके। परन्तु बानू खूंटे ने इसके विपरीत फेसबुक लाइव आकर अपने विपक्षीयों को साफ साफ बता दिया की वो चुनाव लड़ रहे हैं और जीत भी रहें है।
लीलाधर बानू खूंटे ने अपने विपक्ष के लोगों को ये बयान दिया
मैं लीलाधर बानू खूंटे स्वतंत्र प्रत्याशी महापौर नगर पालिका निगम रायगढ़ छत्तीसगढ़। पिछले 11 वर्षो से बतौर समाज सेवी के रूप में, राजनीती दल के पावर सत्ता के बिना सहयोग लिए रायगढ़ के समस्याओ को लेकर कार्य करते आ रहा हुँ आज जब मैं महापौर का चुनाव लड़ रहा हुँ तब विपक्षीयों के द्वारा मेरे ऊपर कई प्रकार के आरोप लगाए जा रहे है.. खासकर भाजपा कांग्रेस को डर बैठ गया है और वो ये जान गए है की चुनाव हार रहें है। इसलिए वो आरोप लगा रहें है की मुझे जानबूझकर पैसे देकर चुनाव में उतारा गया है… जबकि मैं अपने स्वयं के विवेक से इस चुनाव में अपनी सहभागिता निभा रहा हुँ.. किसी पार्टी या व्यक्ति में इतना दम नहीं की मुझे खरीद सके.. मैं एक क्रन्तिकारी सोच का युवा हुँ चुनाव तो लड़कर रहूँगा और इनको चुनाव जीतकर भी दिखाऊंगा.. बस आप रायगढ़ वासियो का आशीर्वाद मुझपर बना रहा है. आप भी मेरे काम के आधार पर ही मुझे वोट दें. जब मैं बिना किसी ताकत के रायगढ़ नगर निगम में सडक, बिजली, पानी, राशन, और अन्य समस्याओ को लेकर लड़ाई लड़ते हुए समस्या का निवारण कर सकता हुँ तो महापौर के पद में आने के बाद रायगढ़ का पूर्णत कायाकल्प करके स्मार्ट सिटी बना सकते हैं.
आज तक ऐसा कोई नोट नही बना जो बानू खूंटे को खरीद ले।
महापौर स्वतंत्र प्रत्याशी लीलाधर बानू खूंटे का चरित्र हनन कर बैठने को किया जा रहा विवश
प्रसिद्ध युवा समाज सेवी बानू खूंटे ने जबसे महापौर पद रायगढ़ के लिए निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन भरा है तब से शहर में हलचल बना हुआ है। शुरुआत में तो सभी रायगढ़ वासी आश्चर्य हो गए की अचानक बानू खूंटे ने नामांकन कैसे भर दिया। हालांकि सभी जानते है की बानू खूंटे पिछले कई वर्षो से समाज सेवा कर रहें है। नगर निगम क्षेत्र में उनकी सक्रियता सभी वार्डो में रहता है और उनके संगठन युवा संकल्प के सदस्य सभी वार्डो में समस्या निवारण को लेकर काम करते आ रहें है।
नामांकन भरने के बाद शहर में जो चर्चाये चलने लगी उसी में उनके विपक्षीयों के द्वारा हार या वोट कट जाने के डर से बानू खूंटे का चरित्र हनन करने का प्रयास चालू कर दिए ताकि बानू खूंटे वक्त रहते अपना नाम वापस ले सके। परन्तु बानू खूंटे ने इसके विपरीत फेसबुक लाइव आकर अपने विपक्षीयों को साफ साफ बता दिया की वो चुनाव लड़ रहे हैं और जीत भी रहें है।
लीलाधर बानू खूंटे ने अपने विपक्ष के लोगों को ये बयान दिया
मैं लीलाधर बानू खूंटे स्वतंत्र प्रत्याशी महापौर नगर पालिका निगम रायगढ़ छत्तीसगढ़। पिछले 11 वर्षो से बतौर समाज सेवी के रूप में, राजनीती दल के पावर सत्ता के बिना सहयोग लिए रायगढ़ के समस्याओ को लेकर कार्य करते आ रहा हुँ आज जब मैं महापौर का चुनाव लड़ रहा हुँ तब विपक्षीयों के द्वारा मेरे ऊपर कई प्रकार के आरोप लगाए जा रहे है.. खासकर भाजपा कांग्रेस को डर बैठ गया है और वो ये जान गए है की चुनाव हार रहें है। इसलिए वो आरोप लगा रहें है की मुझे जानबूझकर पैसे देकर चुनाव में उतारा गया है… जबकि मैं अपने स्वयं के विवेक से इस चुनाव में अपनी सहभागिता निभा रहा हुँ.. किसी पार्टी या व्यक्ति में इतना दम नहीं की मुझे खरीद सके.. मैं एक क्रन्तिकारी सोच का युवा हुँ चुनाव तो लड़कर रहूँगा और इनको चुनाव जीतकर भी दिखाऊंगा.. बस आप रायगढ़ वासियो का आशीर्वाद मुझपर बना रहा है. आप भी मेरे काम के आधार पर ही मुझे वोट दें. जब मैं बिना किसी ताकत के रायगढ़ नगर निगम में सडक, बिजली, पानी, राशन, और अन्य समस्याओ को लेकर लड़ाई लड़ते हुए समस्या का निवारण कर सकता हुँ तो महापौर के पद में आने के बाद रायगढ़ का पूर्णत कायाकल्प करके स्मार्ट सिटी बना सकते हैं.
