सपनों की उड़ान: छत्तीसगढ़ की उभरती मॉडल स्नेहा श्रीवास की प्रेरक कहानी

कहते हैं अगर इरादे मजबूत हो और सपनों पर भरोसा हो तो कोई भी कभी मंजिल दूर नहीं कुछ ऐसा ही कर दिखाया है बिलासपुर जिले के छोटे से कस्बे चकरभाठा हिर्री की रहने वाली स्नेहा श्रीवास ने मात्र 21 वर्ष की उम्र में इसने मॉडलिंग की दुनिया में अपनी एक खास पहचान बना ली है और अब वह छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व करने का सपना देख रही है इसलिए बताती है कि मॉडलिंग में आने की प्रेरणा उन्हें उनकी बहन और बेस्ट फ्रेंड से मिली बचपन से ही मेरा सपना था कि मैं रैंप वॉक करूं ड्रेस डिजाइन करूं और एक दिन लोगों के सामने एक मॉडल के रूप में खुद को साबित करूँ इस सपने को साकार करने के लिए उन्होंने न सिर्फ बड़ी मेहनत की बल्कि मानसिक चुनौती से भी लड़ाई लड़ी अब तक स्नेहा ने दो बड़े खिताब अपने नाम कर चुकी है छत्तीसगढ़ सुपर मॉडल सीजन 1 और आइडियल ऑफ मिस छत्तीसगढ़ सीजन 3 या दोनों शो उनके लिए बेहद खास रहे हैं लेकिन उनके सफर का असली संघर्ष तब शुरू हुआ जब एक शो में उनके साथ मंच पर अन्याय हुआ स्नेहा उस समय डिप्रेशन में चली गई थी लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी मैंने उस वक्त सोच लिया कि अगली बार कुछ भी हो जाए जीत कर ही दिखाऊंगी स्नेहा का दिन सुबह जल्दी शुरू होता है वह कोचिंग जाती है और बाकी समय अपने मेकअप स्टूडियो में काम करती है वह इस बार शो में स्नेहा ने खुद को डिजाइन किए हुए कपड़े पहने जो उन्होंने पुराने और अनुपयोगी सामान से तैयार किए थे इस शो में सिर्फ फैशन ही नहीं बल्कि एक संदेश भी देने की कोशिश की है कि कैसे हम अपने आसपास के चीजों को दोबारा उपयोग कर सुंदरता और स्टाइल का नया रूप दे सकते हैं स्नेहा की इस सफलता के पीछे उनकी मां रुकमणी श्रीवास का बड़ा हाथ है मम्मी ने मुझे हमेशा हर फैसला में सपोर्ट किया चाहे वह पढ़ाई हो या मॉडलिंग हो वह मेरी सबसे बड़ी ताकत है स्नेहा ने इतिहास विषय में मास्टर डिग्री हासिल की है और फिलहाल सरकारी प्रतियोगिताओं परीक्षाओं की तैयारी कर रही है इसलिए आज की युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा बन चुकी है उनका मानना है कि अगर दिल से चाहो और मेहनत से जुड़ जाओ तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता मैं सभी लड़कियों से कहना चाहती हूं कि खुद पर भरोसा रखें सपना को पूरा करें और हौसला रखें और अपने परिवार व राज्य के नाम रोशन करें स्नेहा का अगला सपना छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व करना वह चाहती है राज्य की संस्कृति और कला प्रतिभा को एक नहीं पहचान दिलाई जाए
