सोनम वांगचुक की रिहाई को लेकर उठी आवाज़, रायगढ़ में जनसंगठनों ने सौंपा ज्ञापन

रायगढ़. केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में 24. 9.25 को हुई बर्बरता पूर्वक घटना से पूरे देश में आक्रोश की लहर है. पर्यावरण विद, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, कई अंतरराष्ट्रीय- राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तारी ने आक्रोश को और भी बढ़ा दिया है. रायगढ़ भी इससे अछूता नहीं रहा. जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा रायगढ़ की अगुवाई में रायगढ़ की जनसंघठनो ने महामहिम राष्ट्रपति, माननीय न्यायाधिपति उच्चतम न्यायालय, माननीय प्रधानमंत्री के नाम से 6 सूत्री मांगो का ज्ञापन कलेक्टर रायगढ़ के लिये श्री महेश शर्मा अनु विभागीय दंडाधिकारी रायगढ़ को सौपा. ज्ञापन में सच्चे देशभक्त और नागरिकों की बेहतरीन के लिए पर्यावरण और ऊर्जा के क्षेत्र में कार्य करने वाले विरले व्यक्तित्व के धनी सोनम वांगचुक जी की रिहाई की मांग की गई है, लेह की घटनाक्रम की उच्चतम न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश से जांच करने की मांग की गई है, लद्दाख में पदस्थ महामहिम राज्यपाल एवं पुलिस महानिदेशक को अन्य जगह स्थानांतरित किये जाने की मांग की गई है ताकि साक्षय प्रभावित न हो, सही जांच हो सके. घटना में मृत व्यक्तियों के परिवार को 10 करोड़ मुआवजा देने की मांग की गई है, घटना में घायल हुए व्यक्तियों के लिये 25-25 लाख रुपए क्षतिपूर्ति दिए जाने मांग की गई है, आंदोलन से जुड़े सभी गिरफ्तार आंदोलनकारी की रिहाई की मांग की गई है. जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा के साथी वासुदेव शर्मा ट्रेड यूनियन कौंसिल के साथी शेख कलीमुल्लाह,रिटायर्ड बैंक क्लब के साथी प्रमोद शराफ, संयुक्त किसान मोर्चा के साथी मदन पटेल, किसान सभा के समय लाल यादव,बनमाली प्रधान,अखिल भारतीय शांति एवं एकजुटता संगठन के गणेश मिश्रा , इप्टा रायगढ़ के साथी युवराज सिंह भरत निषाद, अभिषेक सोनी, श्याम देवकर, एडवोकेट प्रशांत शर्मा, सदभावना सांस्कृतिक मंच के साथी नीलकंठ साहू , जनवादी सभा के साथी नौशाद अली,रायगढ बचाओ, रायगढ लडेगे, के साथी विनय शुक्ला आदि ने कहा कि लेह की घटना से प्रजातंत्र और संविधान कमजोर हुआ है. हम माननीय राष्ट्रपति, माननीय मुख्य न्यायाधिपति सर्वोच्च न्यायालय, माननीय प्रधानमंत्री से मांग करते हैं कि राष्ट्र हित में लोकतंत्र में संविधान के मर्यादा को बनाए रखने के लिए तत्काल कदम उठाये जावे.
