राजस्व विभाग के एकतरफा कार्यवाही पर उठ रहे सवाल! क्या टारगेट करके तोड़ा गया सिर्फ एक मकान? अन्य अवैध कब्जों पर क्यों मेहमान है राजस्व अमला??

तहसीलदार ने बिना पूर्व सूचना तोड़ा मकान, अन्य अवैध निर्माणों के नोटिस जारी होने बावजूद कार्यवाही नहीं!
रायगढ़ शहर के संगीताराई स्थित अपेक्स अस्पताल के सामने नजूल भूमि पर वर्षों से चल रहे अवैध कब्जे का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप के अनुसार यहां एक ढाबा संचालक सहित कई लोगों द्वारा शासकीय नजूल भूमि पर अवैध रूप से मकान एवं अन्य निर्माण किए जाने की जानकारी सामने आई। बीते दिनों राजस्व विभाग द्वारा एक मकान पर बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई, लेकिन इस कार्रवाई को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कार्रवाई के बाद पीड़िता संध्या यादव ने राजस्व विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पूरे क्षेत्र में कई लोगों ने अवैध निर्माण किया है, लेकिन केवल मुझे ही टारगेट कर मेरा मकान तोड़ दिया गया। पीड़िता का दावा है कि ढाबा संचालक और अन्य प्रभावशाली लोगों द्वारा किए गए अवैध निर्माणों के नोटिस जारी होने बावजूद बचाव दिया गया, जबकि उनके मकान को बिना पूर्व सूचना तोड़ दिया गया।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि यदि नजूल भूमि से अवैध कब्जा हटाना ही उद्देश्य था, तो सभी अवैध निर्माणों पर समान कार्रवाई नहीं की गई? एक ही क्षेत्र में कई अवैध मकान और निर्माण मौजूद हैं, लेकिन कार्रवाई सिर्फ एक पर होना राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करता है।
पीड़िता संध्या यादव ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि मुझे न्याय नहीं मिला और सभी अवैध कब्जों पर समान कार्रवाई नहीं होती है तो मैं आमरण अनशन पर बैठने को मजबूर हो जाऊंगी। इस चेतावनी के बाद मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और राजस्व विभाग इस मामले में क्या रुख अपनाता है। क्या सभी अवैध कब्जों पर समान कार्रवाई होगी? या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? फिलहाल, संगीताराई क्षेत्र में यह मुद्दा चर्चा का केंद्र बना हुआ है और प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
