RAIGARH

ज्ञानभारतम् सर्वे में रायगढ़ ने पकड़ी रफ्तार, जिला प्रशासन ने बुद्धिजीवियों संग बनाई गई ठोस कार्ययोजना

एनआईसी कक्ष से वीसी में जुड़े कलेक्टर, 31 मई तक सर्वे पूर्ण करने पर जोर

कलेक्टर ने कार्यालय में साहित्यकारों-इतिहासकारों के साथ गहन मंथन, जनभागीदारी से अभियान को गति

रायगढ़, 23 अप्रैल 2026। ‘ज्ञानभारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत रायगढ़ जिले में कार्यों को तेज गति देने के लिए प्रशासन ने व्यापक पहल शुरू कर दी है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज एनआईसी कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में शामिल होकर जिले की प्रगति से अवगत कराया और प्राप्त निर्देशों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सर्वेक्षण कार्य 31 मई 2026 तक हर हाल में पूर्ण किया जाना है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के पश्चात कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने अपने कार्यालय में जिले के साहित्यकारों, इतिहासकारों एवं प्रबुद्ध वर्ग के साथ विशेष बैठक आयोजित कर अभियान को लेकर गहन चर्चा और विचार-विमर्श किया। बैठक में प्रो. अंबिका वर्मा, श्री जगदीश मेहर, श्री सुभाष त्रिपाठी, संयुक्त कलेक्टर पूजा बंसल सहित अन्य साहित्यकार, वरिष्ठजन नागरिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिले में बिखरी हुई प्राचीन पांडुलिपियों, दुर्लभ ग्रंथों, ऐतिहासिक दस्तावेजों और सांस्कृतिक धरोहरों की पहचान, संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण को लेकर विस्तार से मंथन किया गया।
बैठक में बताया गया कि रायगढ़ का इतिहास अत्यंत समृद्ध और गौरवशाली है, जिसे व्यवस्थित रूप से संकलित और संरक्षित करना आवश्यक है। इस कार्य को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे जन-आंदोलन का रूप देने पर जोर दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें। कलेक्टर ने कहा कि कई महत्वपूर्ण पांडुलिपियां और ऐतिहासिक सामग्रियां निजी स्तर पर सुरक्षित होती हैं, जिनकी जानकारी सामने नहीं आ पाती, ऐसे में आम नागरिकों की सहभागिता बेहद जरूरी है।
चर्चा में बताया गया कि जिला स्तर पर सर्वेक्षण दलों का गठन, उनका प्रशिक्षण तथा कार्यों की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही एकत्रित की जाने वाली पांडुलिपियों का वैज्ञानिक तरीके से संरक्षण और डिजिटलीकरण किया जाएगा, जिससे आने वाली पीढ़ियां भी जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने जिले के नागरिकों से अपील की कि वे अपने पास उपलब्ध पांडुलिपियों, पुराने दस्तावेजों एवं ऐतिहासिक सामग्रियों की जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराएं और सर्वेक्षण कार्य में सक्रिय सहयोग दें। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सामूहिक प्रयासों से यह अभियान रायगढ़ के गौरवशाली इतिहास को सहेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Sanjay Sahni

Editor in chief - Raegarhnews.in Mo.-9329266509

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