RAIGARH

धान छोड़ सन की खेती की ओर बढ़े लैलूंगा के किसान सुखदेव सिदार

चार एकड़ में लगाया सन बीज, बीज निगम करेगा खरीदी, चार लाख रुपये आय का अनुमान

कृषक उन्नति योजना से मिलेगा प्रोत्साहन, 50 एकड़ में खेती के साथ डेयरी और सागौन रोपण भी

रायगढ़, 31 जुलाई 2026/ धान की खेती के लिए पहचाने जाने वाले लैलूंगा क्षेत्र में किसान अब लाभकारी वैकल्पिक फसलों की ओर भी बढ़ रहे हैं। लैलूंगा विकासखंड के ग्राम केराटीकरा के किसान श्री सुखदेव सिदार ने इस वर्ष धान का रकबा कम कर चार एकड़ में सन बीज की खेती शुरू की है। करीब 40 से 50 एकड़ में खेती करने वाले श्री सिदार ने कृषि विभाग की सलाह पर यह फसल परिवर्तन किया है। सन की खेती के लिए उन्हें कृषि विभाग के माध्यम से बीज निगम रायगढ़ से आधार बीज उपलब्ध कराया गया है। चार एकड़ में बोई गई इस फसल से लगभग 30 क्विंटल उत्पादन होने का अनुमान है। तैयार बीज की खरीदी बीज निगम रायगढ़ द्वारा की जाएगी। 15 हजार रुपये प्रति क्विंटल की संभावित दर के आधार पर किसान को करीब चार लाख रुपये की आय होने की संभावना है।
सुखदेव सिदार केवल नई फसल को नहीं अपना रहे हैं, बल्कि क्षेत्र की पहचान मानी जाने वाली सुगंधित जवाफूल धान की खेती भी कर रहे हैं। इस वर्ष उन्होंने लगभग तीन से चार एकड़ में जवाफूल धान लगाया है। खेती के साथ वे डेयरी व्यवसाय भी संचालित कर रहे हैं। उनके पास चार से पांच अच्छी नस्ल की गाय हैं, जिनसे दूध उत्पादन हो रहा है। डेयरी से प्राप्त गोबर से वे जैविक खाद तैयार कर अपनी कृषि भूमि में उपयोग करते हैं। इससे खेती की लागत कम करने और भूमि की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिल रही है। इसके अलावा इस वर्ष उन्होंने वन विभाग के सहयोग से लगभग तीन एकड़ में सागौन का पौधारोपण भी किया है।

फसल विविधीकरण को बढ़ावा दे रही कृषक उन्नति योजना

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर संचालित कृषक उन्नति योजना के तहत धान के स्थान पर वैकल्पिक फसल लेने वाले किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। पात्रता के अनुसार श्री सिदार को भी योजना का लाभ मिलेगा। योजना के तहत वैकल्पिक फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिले में किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को वैकल्पिक फसलों की खेती, उन्नत बीज और तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में किसानों को धान के साथ अन्य लाभकारी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। फसल विविधीकरण से किसानों को खेती में नए विकल्प मिलेंगे और आय बढ़ाने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

Sanjay Sahni

Editor in chief - Raegarhnews.in Mo.-9329266509

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