RAIGARH

बच्चे पढ़ें या बुनियादी सुविधाओं के लिए सड़कों पर उतरें ? भाजपा सरकार जवाब दे : दीपक मंडल

ग्रामीण एवं सुदूर क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था बेहाल, 30 किलोमीटर पैदल चली बेटियां, खुल गई भाजपा सरकार की शिक्षा व्यवस्था की पोल

रायगढ़। सोमवार 7 सितंबर को सरगुजा के शिवपुर एकलव्य विद्यालय की छात्राओं का बिजली, साफ-सफाई, भोजन और शिक्षकों की समस्या को लेकर करीब 30 किलोमीटर पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचना सिर्फ एक विद्यालय की बदहाली नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल है।

जिला कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ग्रामीण के प्रभारी महामंत्री दीपक मंडल ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि बच्चों को अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी सड़क पर उतरना पड़ रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से सवाल किया—क्या सरकार बच्चों की शिकायत तब सुनेगी, जब वे 30 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे?

रायगढ़ कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री दीपक मंडल ने कहा कि यह घटना पूरे प्रदेश के सरकारी स्कूलों और छात्रावासों की व्यवस्था की तत्काल समीक्षा की मांग करती है। शिक्षक, बिजली, स्वच्छ भोजन, पानी, शौचालय और सुरक्षित छात्रावास कोई सुविधा नहीं, बच्चों का अधिकार है।

उन्होंने कहा, “सरगुजा की बेटियां 30 किलोमीटर पैदल नहीं चलीं, उन्होंने भाजपा सरकार की शिक्षा व्यवस्था की 30 किलोमीटर लंबी नाकामी उजागर कर दी है। प्रदेश के ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में ऐसे ही लापरवाही सामने आने से इनकार नहीं किया जा सकता। हाल ही में रायगढ़ के एक स्कूल में नाबालिक बच्चों के द्वारा चाकू बाजी की घटना भी सामने आई है इससे स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था की भी पोल खुलता नजर आ रहा है। छत्तीसगढ़ में शिक्षा और शिक्षा व्यवस्था को लेकर पहले ही भाजपा सरकार की उदासीनता सामने आ चुकी है 10 हजार से अधिक स्कूल भाजपा सरकार ने बंद कर दिए हैं।
अब सरकार जवाब दे—प्रदेश के बच्चों को शिक्षा का अधिकार मिलेगा या अपनी मांगों के लिए सड़क पर संघर्ष करना पड़ेगा?”

Sanjay Sahni

Editor in chief - Raegarhnews.in Mo.-9329266509

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