RAIGARH

शहर सरकार के कुंभकर्णी निंद्रा के कारण केलो पानी सप्लाई के नाम पर जनता के करोड़ों रुपया पेनाल्टी में फूंक रहे अफसर, जवाबदेही तय हो? संजय देवांगन

रायगढ़। शहर सरकार के पास दूरदर्शी सोच न होने के कारण जनता के टैक्स के पैसों का एक बड़ा हिस्सा पेनाल्टी के रूप मे जलसंसाधन विभाग मे पटाना पड़ रहा है महापौर ने कभी निगम अधिकारियों से वार्ता कर यह जानने की कोशिश भी कभी नही कि होगी कि निगम के जल विभाग शहर के जनता को जल सप्लाई कैसे कर रही है,
संजय देवांगन कहा कि अगर महापौर जागरू होते जनता के प्रति अपने दायित्व को समझते तो आज ये दिन देखना नही पड़ता मगर अफसोस महापौर जी अपने मंत्री,मोदी,भाजपा के गुणगान के अलावा और कोई कर्तव्य को नही निभा रहे हैं जिस कारण अधिकारियों की प्रशासनिक विफलता और घोर लापरवाही के कारण आज निगम के 48 वार्ड की जनता के टैक्स के रूप मे वसूल रहे पैसों का दुरुपयोग हो रहा है । शहर के 48 वार्डों में केलो नदी से पेयजल सप्लाई करने की आड़ में अधिकारियों ने आम जनता की गाढ़ी कमाई को पानी की तरह बहाया है। जल संसाधन विभाग और नगर निगम के बीच स्थाई अनुबंध न होने के कारण आज निगम को सामान्य से 3 गुना अधिक दर पर वाटर टैक्स चुकाना पड़ रहा है।
3 साल में 7 करोड़ से अधिक का बकाया, ₹4.70 करोड़ सिर्फ पेनल्टी:
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 3 वर्षों में नगर निगम पर जल संसाधन विभाग का 7 करोड़ 5 लाख के लग भग रुपये का वाटर टैक्स बकाया हो चुका है। शहर सरकार को ज्ञान होता अपने जनता और शहर की चिंता होती तो निगम के जिम्मेदार अधिकारियों से वार्ता कर समय रहते शासन से विधिवत अनुमति लेकर स्थाई एग्रीमेंट कराया होता, तो यह खर्च महज एक-तिहाई होता। अधिकारियों की फाइलों को दबाकर रखने की आदत के कारण लगभग ₹4.70 करोड़ केवल पेनल्टी (दंड) के रूप में निगम पर थोप दिए गए हैं।
हर महीने ₹13 लाख का सीधा नुकसान:
नगर निगम सालाना 11 मिलियन क्यूबिक मीटर पानी केलो परियोजना से उठा रहा है। अधिकारियों की लापरवाही के कारण निगम को हर महीने लगभग 13 लाख रुपये और प्रतिदिन ₹43,000 का अतिरिक्त वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है। यह वह राशि है जिससे शहर के कई वार्डों में नई पाइपलाइन बिछाई जा सकती थी या नागरिक सुविधाएं बढ़ाई जा सकती थीं। कई वार्ड के पार्षद आज भी अपने क्षेत्र के कई गली मोहल्ले मे अमृत मिशन के पाइप लाइन विस्तार न होने, हर गली मे अमृत मिशन का पानी न पहुंचने की सूचना निगम को लिखित मे दे चुके हैं पर शहर सरकार विकास की खोखली ढोल पीट रही है मगर धरातल मे शून्य है और अधिकारी पाइप लाइन विस्तार के लिए राशि स्वीकृत नही होने का रोना रो रही है

विपक्ष और शहर की जागरूक जनता यह जानना चाहती है कि पिछले 5 वर्षों से निगम अस्थाई एग्रीमेंट पर क्यों चल रहा है? बजट की कमी का रोना रोकर इंटेकवेल और स्टॉप डैम का काम क्यों अटकाया गया, जिसके कारण जल संसाधन विभाग ने स्थाई एग्रीमेंट से इनकार किया?
जनता के पैसों की इस बर्बादी के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार निगम के तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ तत्काल उच्च स्तरीय जांच कर जवाबदेही तय की जाए और इस अतिरिक्त भार की वसूली दोषी अधिकारियों के वेतन से की जाए। संजय देवांगन ने निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंप कर ऊपर अंकित बिन्दुओं पर ठोस कार्यवाही करने की मांग की है, अगर कोई कार्यवाही निगम कि ओर से नजर नहीं आई तो आम जनता के साथ कांग्रेस सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

भवदीय,
संजय देवांगन
प्रवक्ता
प्रदेश कांग्रेस कमेटी संचार विभाग, एवं पूर्व पार्षद वार्ड क्रमांक 06
रायगढ़ (छ.ग.)

Sanjay Sahni

Editor in chief - Raegarhnews.in Mo.-9329266509

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