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स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक करें सुनिश्चित-कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी

स्वास्थ्य योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने के साथ नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश

मातृ-शिशु स्वास्थ्य से लेकर टीबी, एनसीडी और आयुष्मान तक योजनाओं की समीक्षा, अंगदान संकल्प व रक्तदान को बढ़ावा देने पर जोर

एचपीवी वैक्सीनेशन के शेष लक्ष्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश, स्कूलों और मैदानी स्तर पर बढ़ाएं जागरूकता

वीएचएसएनडी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता सेवाओं को और प्रभावी बनाने के निर्देश

रायगढ़, 9 सितम्बर 2026/ कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आज जिला कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ सभी निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करने और मैदानी स्तर पर संचालित गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, नियमित स्वास्थ्य जांच एवं संस्थागत प्रसव की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान करने, उनकी नियमित निगरानी एवं आवश्यक उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मैदानी स्वास्थ्य अमला ऐसी महिलाओं के स्वास्थ्य की सतत निगरानी करे, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें समय पर उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच तथा जांच के दौरान चिन्हांकित बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही बच्चों के उपचार के बाद नियमित फॉलोअप पर भी विशेष ध्यान देने को कहा।

एचपीवी वैक्सीनेशन का शेष लक्ष्य जल्द पूरा करें, स्कूलों में चलेगा व्यापक जागरूकता अभियान

एचपीवी वैक्सीनेशन की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने शेष लक्ष्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों एवं मैदानी स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए पात्र किशोरियों एवं उनके अभिभावकों को एचपीवी वैक्सीनेशन के महत्व की जानकारी देने को कहा। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा में उन्होंने टीबी संदिग्धों की जांच, मरीजों की पहचान, उपचार तथा पोषण सहायता की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने टीबी मरीजों को निर्धारित पोषण सहायता उपलब्ध कराने और निक्षय मित्र अभियान को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। टीबी मुक्त पंचायत अभियान के अंतर्गत शेष पंचायतों में गतिविधियों में तेजी लाने तथा पंचायत स्तर पर प्रभावी जनजागरूकता एवं स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में कुष्ठ रोग एवं मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रमों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

हाइपरटेंशन-डायबिटीज की स्क्रीनिंग के साथ फॉलोअप जरूरी, आयुष्मान के छूटे हितग्राहियों का करें पंजीयन

गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने हाइपरटेंशन एवं डायबिटीज जैसे रोगों की नियमित स्क्रीनिंग पर जोर दिया। उन्होंने स्क्रीनिंग में चिन्हांकित मरीजों का समय पर उपचार शुरू करने तथा उनका नियमित फॉलोअप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, स्वास्थ्य शिविरों एवं टेलीमेडिसिन की गतिविधियों की भी समीक्षा की। उन्होंने दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक टेलीमेडिसिन सेवा की पहुंच बढ़ाने के निर्देश दिए। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने छूटे हुए पात्र हितग्राहियों का पंजीयन तेजी से पूरा करने तथा स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक दवाइयों एवं अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी करने को कहा। उन्होंने स्वास्थ्य अधोसंरचना के अंतर्गत विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग एवं कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

अंगदान संकल्प, रक्तदान और स्वास्थ्य शिविरों को दें बढ़ावा

बैठक में अंगदान संकल्प, रक्तदान एवं स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से जनभागीदारी बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि लोगों को अंगदान के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए अधिक से अधिक लोगों को अंगदान का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया जाए। इसी तरह रक्तदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाकर नियमित रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य शिविरों को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए इनका लाभ अधिक से अधिक ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। शिविरों में स्वास्थ्य जांच, आवश्यक परामर्श, दवा वितरण तथा जरूरतमंद मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थाओं से जोड़ने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

वीएचएसएनडी के माध्यम से गांवों में मजबूत हों मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता सेवाएं

कलेक्टर ने वीएचएसएनडी (ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस) की गतिविधियों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित होने वाले वीएचएसएनडी के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण तथा स्वच्छता संबंधी सेवाओं की पहुंच मजबूत की जाए। गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों की स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पोषण संबंधी परामर्श, एनीमिया एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान के साथ आवश्यक सेवाएं गांव स्तर पर ही उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने संबंधित मैदानी अमले को निर्देशित किया कि वीएचएसएनडी के दौरान ग्रामीण परिवारों को स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करने के साथ स्वच्छता संबंधी व्यवहार अपनाने के लिए भी प्रेरित किया जाए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के साथ कुपोषण एवं बीमारी की रोकथाम में भी मदद मिलेगी।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत, सिविल सर्जन डॉ. दिनेश पटेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैकरा सहित जिला स्वास्थ्य समिति के सदस्यगण उपस्थित थे।

Sanjay Sahni

Editor in chief - Raegarhnews.in Mo.-9329266509

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